Phailin, The Cyclone

Ladies And Gentleman, माफ़ करना आने में थोडी देर हो गई, पर आया जरूर हूं ; इस बात की खुशी है। वैसे to introduce myself, मेरा अशुभ नाम है Phailin cyclone! अभी-अभी कुछ दिन पहले ही चला था बंगाल की खाडी से और पहुंच गया भारत के तटीय सीमा पर। पता है मेरी रफ़्तार 250 … More Phailin, The Cyclone

Chennai Express: The Train Not Taken

A PERFECT BLEND of Hindustani Cultures and Traditions, Chennai Express is the chutney of vibrant and voracious 1600 languages spoken throughout India. The Silly SRK Express bound to Chennai leads him to a queer series of mysteries which he unfolds in the story through his romantic voice! The film envelopes the common beliefs, the superstition … More Chennai Express: The Train Not Taken

तुम तक… रांझणा…

‘दिल का लोकेसन क्या होता है? न लेफ़्ट न राइट, दिल तो सेन्टर मे होता है क्योंकि मुझे दर्द वहीं पर हो रहा था!’ महज दसवीं में पढने वाले कच्चे उम्र के कुंदन को जब दर्द-ए-आशिकी का छोंक लगता है तो लगता है दुनियादारी की बांतें मानो उसे घोंट कर पिला दी गई हो। काशी … More तुम तक… रांझणा…

जीवन

किस ओर ले कर जा रहा है जीवन, हर दिन कुछ नयी झलक दिखा रहा है जीवन। न जाने कब मिलेगी मंजिल इस बंजारे को, हर मोड़ पर कई राह दिखा रहा है जीवन।। न जाने दिल में कितनी ख्वाहिशें थी जो पूरी न हो सकी न जाने कौन सी परीक्षा ले रहा है जीवन। … More जीवन

Being Kshitiz Roy

June 24th 2012, Yeah that was the date fixed when the debut novel of Kshitiz Roy would release. Four months back in February, at Netarhat there went a tense discussion on the name of the novel. Shrimanji and Kshitiz Ji were eager to have the title ‘Buy Me A Patna’ which was tempting and touching … More Being Kshitiz Roy

बारिश

पिछले 26 घंटों से लगातार बारिश हो रही थी. तड़के 6 बजे जब अखबारवाले ने दस्तक दी तो साहेब बोले, भाई आज ज़रा हिंदुस्तान और प्रभात दोनों दे देना. अखबारवाला शायद कुछ बडबडाया और अखबार फेंकता हुआ चला गया. शायद ही उसपर बारिश का कोई प्रभाव पड़ रहा था. अखबार बेचने में इतना संलग्न हो … More बारिश